रोचक तथ्य
Woh Kaun Thi (1964)
नैना बरसे रिम-झिम रिम-झिम पिया तोरे आवन की आस
नैना बरसे रिम-झिम रिम-झिम
वो दिन मेरी निगाहों में वो याद मेरी आहों में
ये दिल अब तक खटकता है तेरी उल्फ़त की राहों में
सूनी सूनी राहें सहमी सहमी बाहें
आँखों में है बरसों की प्यास
नैना बरसे रिम-झिम रिम-झिम
नज़र तुझ बिन मचलती है मोहब्बत हाथ मलती है
चला आ मेरे परवाने वफ़ा की शम' जलती है
ओ मेरे हमराही फिरती हूँ घबराई
जहाँ भी है आ जा मेरे पास
नैना बरसे रिम-झिम रिम-झिम
अधूरा हूँ मैं अफ़्साना जो याद आओ चले आना
मिरा जो हाल है तुझ बिन वो आ कर देखते जाना
भीगी भीगी पलकें छम-छम आँसू छलके
खोई खोई आँखें है उदास
नैना बरसे रिम-झिम रिम-झिम
ये लाखों ग़म ये तन्हाई मोहब्बत की ये रुस्वाई
कटी ऐसी कई रातें न तुम आए न मौत आई
ये बिंदिया का तारा जैसे हो अंगारा
मेहंदी मेरे हाथों की उदास
नैना बरसे रिम-झिम रिम-झिम पिया तोरे आवन की आस
नैना बरसे रिम-झिम रिम-झिम
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