रोचक तथ्य
Neela Akash (1965)
आख़िरी गीत मोहब्बत का सुना लूँ तो चलूँ
मैं चला जाऊँगा दो अश्क बहा लूँ तो चलूँ
आज वो दिन है के तू ने मुझे ठुकराया है
अपना अंजाम इन आँखों को नज़र आया है
वहशत-ए-दिल मैं ज़रा होश में आ लूँ तो चलूँ
आज मैं ग़ैर हूँ कुछ दिन हुए मैं ग़ैर न था
मेरी चाहत मिरी उल्फ़त से तुझे बैर न था
मैं हूँ अब ग़ैर यक़ीं दिल को दिला लूँ तो चलूँ
तेरी दुनिया से मैं इक रोज़ चला जाऊँगा
और गए वक़्त की मानिंद नहीं आउँगा
फिर न आने की क़सम आज मैं खा लूँ तो चलूँ
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