Akela Hoon Main Humsafar Dhoondta Hoon Lyrics – अकेला हूँ मैं हमसफ़र ढूँढता हूँ

 रोचक तथ्य

Jaal (1967)


अकेला हूँ मैं हम-सफ़र ढूँढता हूँ

मोहब्बत की मैं रहगुज़र ढूँढता हूँ


किसी को मैं शाम-ओ-सहर ढूँढता हूँ

अकेला हूँ


ये महकी हुई रात कितनी हसीं है

मगर मेरे पहलू में कोई नहीं है


मोहब्बत-भरी इक नज़र ढूँढता हूँ

अकेला हूँ


मिरे दिल में आ जा निगाहों में आ जा

मोहब्बत की रंगीन राहों में आ जा


तुझी को मैं ओ बे-ख़बर ढूँढता हूँ

अकेला हूँ


किधर जाऊँ वीरान हैं मेरी राहें

किसी को न अपना सकीं मेरी आहें


मैं आहों में अपने असर ढूँढता हूँ

अकेला हूँ


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