विविध गीत गढ़वाली लोकगीत Gadhwali VIvidh Lokgeet


आई गेन ॠतु बौड़ी दाईं जनो फेरो, झुमैलो / गढ़वाली


आई गेन ऋतु बौड़ी दाई जनो फेरो, झुमैलो

ऊबा देसी ऊबा जाला, ऊंदा देसी ऊंदा, झुमैलो

लम्बी-लम्बी पुगड़्यों माँ र..र. शब्द होलो, झुमैलो

गेहूँ की जौ की सारी पिंग्ली होई गैने, झुमैलो

गाला गीत वसन्ती गौं का छोरा ही छोरी, झुमैलो

डांडी काँठी गूँजी ग्येन ग्वैरू को गितूना, झुमैलो

छोटी नौना-नौनी मिलि देल्यूँ फूल चढ़ाला, झुमैलो

जौं का भाई रला देला टालु की अँगूड़ी, झुमैलो

मैतु बैण्युँ कु अप्णी बोलौला चेत मैना, झुमैलो


भावार्थ


--'वसन्त ऋतु लौट आई, फसल माँड़ते समय बैलों के चक्कर के समान, झुमैलो !

ऊपर देश वाले ऊपर जाएंगे, नीचे देश वाले नीचे, झुमैलो !

लम्बी-लम्बी क्यारियों में (किसानों की) र..र. ध्वनि होगी, झुमैलो!

गेहूँ और जौ के सादे खेत पीले हो गए हैं, झुमैलो!

वसन्ती गीत गाएंगे, गाँव के लड़के-लड़कियाँ, झुमैलो!

छोटी-बड़ी पहाड़ियाँ गूँज उठी हैं ग्वालों के गीतों से, झुमैलो!

छोटे बालक-बालिकाएँ मिलकर दहलीजों पर फूल चढ़ाएंगे, झुमैलो!

जिसके भाई होगा, अंगिया और ओढ़नी का उपहार देगा, झुमैला!

और मायके बुलाएगा बहिन को चैत्र माह में, झुमैलो!'




काला डांडा पीछ बाबा जी / गढ़वाली


काला डांडा पीछ बाबा जी

काली च कुएड़ी

बाबाजी, एकुली मैं लगड़ी च ड..र

एकुली-एकुली मैं कनु कैकी जौलो


भावार्थ


--' काले पहाड़ के पीछे, पिताजी!

काला कुहरा छा रहा है ।

पिताजी, मुझे अकेले में डर लगता है ।

अकेले-अकेले मैं ससुराल कैसे जाऊंगी?'




ऊँचि डांड्यू तुम नीसि जावा / गढ़वाली


ऊँचि डांड्यू तुम नीसी जावा

घणी कुलायो तुम छाँटि होवा

मैकू लगी छ खुद मैतुड़ा की

बाबाजी को देखण देस देवा

मैत की मेरी तु त पौण प्यारी

सुणौ तु रैवार त मा को मेरी

गडू गदन्य व हिलाँस कप्फू

मैत को मेर तुम गीत गावा


भावार्थ
--'हे ऊँची पहाड़ियो! तुम नीची हो जाओ ।

ओ चीड़ के घने वृक्षो! तुम समने से छँट जाओ ।

मुझे मायके की याद सता रही है,

मुझे पिता जी का देस देखने दो ।

ओ मेरे मायके की हवा !

मेरी माँ का सन्देश सुना ।

ओ नदी-नालो! ओ हिलाँस पक्षी! ओ कप्फू!

तुम सब मिल कर मेरे मायके का गीत गाओ ।'




कैसो च भंडारी तेरा मलेथ? / गढ़वाली


कैसो च भंडारी तेरा मलेथ ?

देखी भलौ ऎन सैवो मेरा मलेथ

लकदी गूल मेरा मलेथ

गाँऊँ मूड़ को घर मेरा मलेथ

पालंगा की बाड़ी मेरा मलेथ

लासणा की क्यारी मेरा मलेथ

गाइयों की गोठ्यार मेरा मलेथ

भैंसी को खुरीक मेरा मलेथ

बांदू का लड़क मेरा मलेथ

बैखू का ढसक मेरा मलेथ


भावार्थ


--'ओ भंडारी राजपूत, कैसा है तेरा 'मलेथ' गाँव?

देखने में भला लगता है, साहबो, मेरा मलेथ ।

ढलकती नहीं है वहाँ, मेरा मलेथ ।

गाँव की निचान में घर है मेरा, मेरा मलेथ ।

पालक की बाड़ी है, मेरा मलेथ ।

लहसुन की क्यारी है, मेरा मलेथ ।

गौओं की गोठ है, मेरा मलेथ ।

भैंसों की भीड़ है, मेरा मलेथ ।

कुमारियों की टोली है, मेरा मलेथ ।

वीरों का धक्कम-धक्का है, मेरा मलेथ ।




जा भाग्यानी तू मैत न्है जा / गढ़वाली


जा भाग्यानी तू मैत न्है जा

मेरो रैवार बई मूं ली जा

इनु बोल्यान तुम बई मूं मेरी

खुद लगी छ बल बई तेरी

बाबा को बोयान तुमन भलों करे

रुपयों खैक मेरो बुरो करे

बाबा न दिने चौ डाण्डों पोर

भायों न करे रुपयों जोर

भौजी क बोल्यान मैं जागी रौ लो

यूँ की हालात तबो लौलो

ये गौं छ पाणी दूरो

मऊ पूस क छ जाड़ो बूरो


भावार्थ


--'जा भाग्यशालिनी, तू पीहर को चली जा,

मेरा सन्देश माँ के पास ले जा ।

ऎसे कहना : तुम मेरी माँ हो,

तुमसे मिलने की बहुत भूख लगी है, माँ!

पिता से कहना--तुमने अच्छा किया,

रुपए खाकर तुमने मेरा बुरा कर डाला ।

पिता ने मुझे चार पहाड़ों के पार दे दिया

भाइयों ने भी रुपया लेने पर ज़ोर दिया ।

भाई जी से कहना : मैं बाट जोहूंगी

यहाँ की हालत तभी सुन लेना ।

इस गाँव का पानी बहुत दूर है, माँ!

माघ-पूस का जाड़ा भी बहुत बुरा है ।'




बालो छ बदरी झूमैलो / गढ़वाली


बालो छ बदरी, झुमैलो

परबत आई, झुमैलो

गढ़वाल आई, झुमैलो

दिनु का दाता, झुमैलो

राजा का सामी, झुमैलो


भावार्थ


--'बदरी बालक है--झुमैलो!

वह पर्वत पर आ गया-- झुमैलो!

वह गढ़वाल में आ गया-- झुमैलो!

वह दीनों का दाता है--झुमैलो!

वह राजा का स्वामी है--झुमैलो!




गंगा जी को औत (बाजूबन्द गीत) / गढ़वाली


गंगा जी की औत

तराजू मां तोली लेणा, कैकी माया भौत

तराजू मां तोली लेणा, कैकी माया भौत

झंगोरा की घांण, झंगोरा की घांण

जैकी माया घनाघोरा, आंख्यूं मा पछ्याण

जैकी माया घनाघोरा, आंख्यूं मा पछ्याण

जैकी माया घनाघोरा हो.....



सड़का की घूमा, सड़का की घूमा

सड़का की घूमा, सड़का की घूमा

सदानि नि रैंदी सुवा, जवानी की धूमा

सदानि नि रैंदी सुवा, जवानी की धूमा

सदानि नि रैंदी सुवा हो......



भिरा लीगे भिराक, भिरा लीगे भिराक

भिरा लीगे भिराक, भिरा लीगे भिराक

तरुणी उमर सुवा, बथौं सी हराक

तरुणी उमर सुवा, बथौं सी हराक

तरुणी उमर सुवा हो.........



घुघुती को घोल,घुघुती को घोल

घुघुती को घोल,घुघुती को घोल

मनखि माटू ह्वे जांद, रई जांदा बोल

मनखि माटू ह्वे जांद, रई जांदा बोल

मनखि माटू ह्वे.......



गौड़ी कू मखन, गौड़ी कू मखन

गौड़ी कू मखन, गौड़ी कू मखन

दुनिया न मरि जाण, क्या ल्हिजाण यखन

दुनिया न मरि जाण, क्या ल्हिजाण यखन

दुनिया न मरि जाण.....




जय जय बोला जय भगोती नंदा (धार्मिक गीत) / गढ़वाली


जय जय बोला जय भगोती नंदा, नंदा उंचा कैलास की जय

जय जय बोला जय भगोती नंदा, नंदा उंचा कैलास की जय

जय बोला तेरु चौसिंग्या खाडू, तेरी छंतोळी रिंगाळ की जय

जय बोला तेरु चौसिंग्या खाडू, तेरी छंतोळी रिंगाळ की जय

जय जय बोला.......




काली कुलसारी की, देवी उफरांई की...

नंदा राज राजेश्वरी...

बगोली का लाटू की, हीत बिणेसर की

नंदा राज राजेश्वरी...

बीड़ा बधाण की, जमन सिंह जदोड़ा की, कांसुआ कुवंरुं की....

नंदा राज राजेश्वरी...

जय जय बोला, माता मैणावती, तेरा पिताजी हेमंता की जय...

जय बोला जय भगोती नंदा, नंदा उंचा कैलासा की जय...

जय बोला.....



नौटी का नौट्याळूं की, सेम का सेम्वाळूं की...

नंदा राज राजेश्वरी...

देवल का देवळ्यूं की, नूना का नवान्यूं की...

नंदा राज राजेश्वरी...

देवी नंदकेसरी की, छैकुड़ा का सत्यूं की, बाराटोकी बमणूं की...

नंदा राज राजेश्वरी...

जय जय बोला दशम द्वार डोली, डोली कुरुड़ हिंडोली की जय...

जय बोला जय भगोती नंदा, नंदा उंचा कैलासा की जय...

जय बोला....



डिमर का डिमर्यूं की, मलेथा मलेथ्यूं की...

नंदा राज राजेश्वरी....

तोती का ड्यूंड्यूं की, खंडूड़ा खंडूड़्यूं की...

नंदा राज राजेश्वरी....

नैणी का नैन्वळ्यूं की, गैरोळा थपल्यळ्यूं की, चेपड़्यूं का थोकदारूं की...

नंदा राज राजेश्वरी...

जय जय बोला हीत घंड्याळ, तेरा न्योज्यां निसाण की जय....

जय बोला जय भगोती नंदा. नंदा उंचा कैलासा की जय...

जय बोला


लाता की मल्यारी की, शैलेसर बनोली की...

नंदा राज राजेश्वरी....

मनोड़ा मनोड्यूं की, देवराड़ा देवरड्यूं की..

नंदा राज राजेश्वरी....

चमोळी कंड्वळूं की, चौदा सयाणों की, द्यो सिंह भौ सिंह की...

नंदा राज राजेश्वरी...

जय जय बोला तांबा का पतार, तेरा रिंगदा छतारा की जय....

जय बोला जय भगोती नंदा. नंदा उंचा कैलासा की जय...

जय बोला



नैनीताल अल्मोड़ा की, रणचूला बैजनाथ की...

नंदा राज राजेश्वरी....

कोटमाई डंगोली की, दानपुर सनेती की...

नंदा राज राजेश्वरी....

बदिया बागेसुर की, मारत्वोली जोहार की, छलमिलम मकाया की...

नंदा राज राजेश्वरी...

जय जय बोला ईष्ट देवी नंदा, नंदा कुमौ गढ़्वाळ की जय...

जय बोला जय भगोती नंदा. नंदा उंचा कैलासा की जय...

जय बोला



दगड़ू नि रैणू सदानि दगड़्या (खुदेड़ गीत) / गढ़वाली


तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि

तेरु बाटू तेरा अगाड़ि, मेरु बाटू मेरा अगाड़ि

कख ल्हिजालू कुज्याणी दगड़्या, कख ल्हिजालू कुज्याणी दगड़्या

दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या... दगड़ू नि रैणू सदानि

तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि



सुख मां दुख मां मिली जुली, दिन जू गैनी वी अपड़ा

सुख मां दुख मां मिली जुली, दिन जू गैनी वी अपड़ा

मेरी उंठड़्यूं मां हैंसी तेरी, तेरु दरद मेरा जिकुड़ा...

तेरु दरद मेरा जिकुड़ा...

अपणू परायू नि जाणि दगड़्या, अपणू परायू नि जाणि दगड़्या

दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...

तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि



कांडा लग्यां ईं उमर उंद, नरकै कि गाई बिराणी सी

कांडा लग्यां ईं उमर उंद, नरकै कि गाई बिराणी सी

बगत नि रुकि हथ जोड़ी जोड़ी, बगदू राई पाणी सी...

बगदू राई पाणी सी...

पौणू सि आई या ज्वानि दगड़्या, पौणू सि आई या ज्वानि दगड़्या,

दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...

तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि


रईं सईं बि कटि जाऊ जू, यनि समळौण देजा आज

रईं सईं बि कटि जाऊ जू, यनि समळौण देजा आज

दगड़्या भोळ कख तू कख मी, आखिरी बेर भ्येंटे जा आज

आखिरी बेर भ्येंटे जा आज...

बगण दे आंख्यूं कू पाणि... दगड़्या...बगण दे आंख्यूं कू पाणि... दगड़्या

दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...

तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि



बोझ हिया कू भुयां बिसैजा, भूलीं बिसरीं छ्वीं बत लैजा

बोझ हिया कू भुयां बिसैजा, भूलीं बिसरीं छ्वीं बत लैजा

औ दगड़्या सुख दुख बांटि ल्योला, जिकुड़ी अदला बदली कैजा

जिकुड़ी अदला बदली कैजा...

दुख से हार नि मानि दगड़्या... दुख से हार नि मानि दगड़्या...

दगड़ू नि रैणू सदानि... दगड़्या....दगड़ू नि रैणू सदानि...

तेरु भाग त्वे दगड़ि, मेरु भाग मै दगड़ि।




भटकणू छौं स्वर्ग मां (खुदेड़ गीत) / गढ़वाली


भटकणू छौं स्वर्ग मां, बाटू खोज्याणू छौं... दिदौं...

भटकणू छौं स्वर्ग मां, बाटू खोज्याणू छौं... दिदौं...

बीज छौं मै धरती कू माटू खोज्याणू छौं... दिदौं..

भटकणू छौं स्वर्ग मां, बाटू खोज्याणू छौं... दिदौं...

भटकणू छौं स्वर्ग मां.....



ग्वाळा पैथर ग्वाया लैकी पौंछी ग्यौं परदेस मां... पौंछी ग्यौं परदेस मां...

ग्वाळा पैथर ग्वाया लैकी पौंछी ग्यौं परदेस मां... पौंछी ग्यौं परदेस मां...

बीड़ छौ मैं पर्बतूं जांठू खोज्याणू छौं... दिदौं...

बीज छौं मै धरती कू माटू खोज्याणू छौं... दिदौं... भटकणू छौं स्वर्ग मां.....



कखड़ी मुंगरी खाजा बुखणा अब नि औंदिन गौं बिटी ... अब नि औंदिन गौं बटी...

कखड़ी मुंगरी खाजा बुखणा अब नि औंदिन गौं बिटी... अब नि औंदिन गौं बटी...

मेरु बि हक छौ यूं फरैं बांठू खोज्याणू छौं... दिदौं...

बीज छौं मै धरती कू माटू खोज्याणू छौं... दिदौं... भटकणू छौं स्वर्ग मां.....



डांडा कांठौं का भट्यौणम, गै त छौ घर बौड़ी की... गै त छौ घर बौड़ी की...

डांडा कांठौं का भट्यौणम, गै त छौ घर बौड़ी की... गै त छौ घर बौड़ी की...

रीति सूनी तिबार्यूं मां नातू खोज्याणू रौं... दिदौं...

भटकणू छौं स्वर्ग मां, बाटू खोज्याणू छौं... दिदौं...

बीज छौं मै धरती कू माटू खोज्याणू छौं... दिदौं..

भटकणू छौं स्वर्ग मां...।




देन्णा होई जाया बें सेळी धरती / गढ़वाली

देन्णा होई जाया बें सेळी धरती
देन्णा होई जाया बें भूमियाळा दयोऊ
देन्णा होई जाया बें माईSSमडूली
देन्णा होई जाया बें रितू बसंता


देन्णा होयां देवताओं उलामुला मासा
देन्णा होयां देवताओं चुलामुला बारा
ऋतू बौडी औगया बै दाई जसो फेरो
ऋतू बौडी औगया बै बारूणी बगत

उलापैटा मासा बै बौडी कै नी औना
ऋतू फेरी बसंता बै फेर बौडी औगे
सूकुओ का सनणा बै मौली कै नी औना
हरी भरी सनणा बै फेर मौळी औगे

कनु औगे दयाल्तायों चौपन्थी चौखाळ
मौळणाऊ लैगे बै चांचर की धूप
ऋतू चाडों बासना ऋतू ऋतू बोना
ऋतू चाडी बासनी मैता-मैता बोनी

ओखाडा की फाग्यूं माँ कफ़ूणा बासलों
सान्यों-सान्यों बासा बै घुघूती घूरली
सैळा जैटा बारां बै सैळी सूरी बासा
माळनो की घुघूती पराबतूं आगे


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