ददरिया गीत छत्तीसगढ़ी लोकगीत लिरिक्स Dadariya Geet Lokgeet Chhatisgarhi Lyrics

 चना के दार राजा

हे बटकी में बासी, अउ चुटकी में नून

में गावतथव ददरिया

तें कान देके सुन वो चना के दार

हे बागे बगीचा दिखे ला हरियर

बागे बगीचा दिखे ला हरियर

मोटरवाला नई दिखे, बदे हव नरियर, हाय चना के दार

हाय चना के दार राजा, चना के दार रानी, चना के दार गोंदली, तड़कत हे वो

टुरा हे परबुधिया, होटल में भजिया, झड़कत हे वो~

तरी फतोई ऊपर कुरता हाय, तरी फतोई, ऊपर कुरता, हाय ऊपर कुरता

तरी फतोई, ऊपर कुरता, हाय ऊपर कुरता

रइ रइ के सताथे, तोरेच सुरता, होय चना के दार

हाय चना के दार राजा, चना के दार रानी, चना के दार गोंदली, तड़कत हे वो

टुरा हे परबुधिया, होटल में भजिया, झड़कत हे वो~

नवा सड़किया रेंगे ला मैंना हाय

नवा सड़किया, रेंगे ला मैंना, हाय रेंगे ला मैंना

नवा सड़किया, रेंगे ला मैंना, हाय रेंगे ला मैंना

दु दिन के अवईया, लगाये महीना, होय चना के दार

हाय चना के दार राजा, चना के दार रानी, चना के दार गोंदली, तड़कत हे वो

टुरा हे परबुधिया, होटल में भजिया, झड़कत हे वो

चांदी के मुंदरी चिनहारी करले वो हाय

चांदी के मुंदरी, चिनहारी करले, हाय चिनहारी करले

चांदी के मुंदरी, चिनहारी करले, हाय चिनहारी करले

मैं रिथव नयापारा, चिनहारी करले, होय चना के दार

हाय चना के दार राजा,चना के दार रानी, चना के दार गोंदली, तड़कत हे वो

टुरा हे परबुधिया, होटल में भजिया, झड़कत हे वो ~ कांदा रे कांदा केंवट कांदा हो हाय

कांदा रे कांदा, केंवट कांदा, हाय केंवट कांदा

कांदा रे कांदा, केंवट कांदा, हाय केंवट कांदा

हे ददरिया गवईया के, नाम दादा, होय चना के दार

हाय चना के दार राजा, चना के दार रानी, चना के दार गोंदली, तड़कत हे वो

टुरा हे परबुधिया, होटल में भजिया, झड़कत हे वो


मोर झूल तरी गेंदा

बाग बगीचा दिखे ल हरियर, बाग बगीचा दिखे ल हरियर

दुरूग वाला नई दिखे बदे हव नरियर

मोर झूल तरी

मोर झूल तरी गेंदा इंजन गाड़ी सेमर फूलगे

सेमर फूलगे अगास मन चिटुको घड़ी नरवा मा

नरवा मा अगोर लेइबे ना

चांदी के मुँदरी किनारी कर ले

चांदी के मुँदरी किनारी कर ले

मैं ह रइथव दुरूग में चिनहारी कर ले

मोर झूल तरी

मोर झूल तरी गेंदा इंजन गाड़ी सेमर फूलगे

सेमर फूलगे अगास मन चिटुको घड़ी नरवा मा

नरवा मा अगोर लेइबे वो

पीपर पाना डोलत नइये

पीपर पाना डोलत नइये

का होगे टुरी ल बोलत नइये

मोर झूल तरी

मोर झूल तरी गेंदा इंजन गाड़ी सेमर फूलगे

सेमर फूलगे अगास मन चिटुको घड़ी नरवा मा

नरवा मा अगोर लेइबे वो

नवा सड़कीया रेंगे ल मैना, नवा सड़कीया रेंगे ल मैना

चार दिन के अवईया लगाये महीना

मोर झूल तरी

मोर झूल तरी गेंदा इंजन गाड़ी सेमर फूलगे

सेमर फूलगे अगास मन चिटुको घड़ी नरवा मा

नरवा मा अगोर लेइबे गा

पांच के लगइया पचीस लग जाए

पांच के लगइया पचीस लग जाए

बिना लेगे नई छोड़व पुलिस लग जाए वो

मोर झूल तरी

मोर झूल तरी गेंदा इंजन गाड़ी सेमर फूलगे

सेमर फूलगे अगास मन चिटुको घड़ी नरवा मा

नरवा मा अगोर लेइबे वो

गाय चराये हियाव करिले

गाय चराये हियाव करिले

दोस्ती मा मजा नईये बिहाव करले

मोर झूल तरी

मोर झूल तरी गेंदा इंजन गाड़ी सेमर फूलगे

सेमर फूलगे अगास मन चिटुको घड़ी नरवा मा

नरवा मा अगोर लेइबे गा


गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा

चक्कर मा घोड़ा, नई छोड़व मैं जोड़ा

झुलाहूँ तोला वो, हाय झुलाहूँ तोला वो

नदिया मा डोंगा, नई छोड़व मैं जोड़ा

तौराहूँ तोला वो, हाय तौराहूँ तोला वो

गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो

गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो

चक्कर मा घोड़ा, नई छोड़व मैं जोड़ा

झुलाहूँ तोला वो, हाय झुलाहूँ तोला वो

नदिया मा डोंगा, नई छोड़व मैं जोड़ा

तौराहूँ तोला वो, हाय तौराहूँ तोला वो

गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो

गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो

संगी जउहरिय नई छोड़ही तोर संग गोरी वो

गोरी वो, गोरी वो, गोरी वो

संगी जउहरिय नई छोड़ही तोर संग, में बन जाहूं चकरी, तैं उड़बे पतंग

चटभइंया बोली तोर निक लागे वो, तोर बोली-ठोली हा गुरतुर लागे वो

गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो

गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो

तरिया के पानी लागे है बनी गोरी वो

गोरी वो, गोरी वो, गोरी वो

तरिया के पानी लागे है बानी, दुरिहा घुजके भरबे, कर छेड़कानी

बेलबेल्हा टुरा घटौन्दा के तीर, बइठे बजावत रइथे सिटी

गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो

गजब दिन भईगे राजा तोर संग मा, नई देखेंव खल्लारी मेला वो


सास गारी देवे

सास गारी देवे, ननंद मुंह लेवे, देवर बाबू मोर।

संइया गारी देवे, परोसी गम लेवे, करार गोंदा फूल।

केरा बारी में डेरा देबो चले के बेरा हो॥

आए बेपारी गाड़ी म चढ़िके।

तो ल आरती उतारव थारी म धरिके हो॥ करार.. . टिकली रे पइसा ल बीनी लेइतेंव।

मोर सइकिल के चढ़इया ल चिन्ही लेइतेंव ग॥ करार...

राम धरे बरछी लखन धरे बान।

सीता माई के खोजन बर निकलगे हनुमान ग॥ करार...

पहिरे ल पनही खाये ल बीरा पान।

मोर रइपुर के रहइया चल दिस पाकिस्तान ग॥ करार..

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