मन महरानिन देख भुलानो संत जूड़ीराम भजन / Man Mahranin Dekh Bhulano Sant Judiram Bhajan

 

मन महरानिन देख भुलानो।
रहो भुलाय मर्म रचना में शबद बिना तन जात न जानो।
जैसे भंवर बाग बन भूलो रित बंसत के अंत उड़ानो।
कनक कामनी के रंग राचो तन माया की लहर समानो।
दिना चार को रंग सुरंगी ऊजर पुर जहं बास बसानो।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ