ऐलै कोसी में बाढ़ भयंकर सखिया /Ailai Kosi Mein Badh Bhayankar Sakhiya, Ramdhari Singh Kavyatirth

 

ऐलै कोसी में बाढ़ भयंकर सखिया
टूटी गेलै कुसहा बान जागोॅ सखिया

हहैलोॅ आवै छै कोसी के पनियां
घोॅर द्वार छोड़ी-छाड़ी भागोॅ सखिया

जल्दी-जल्दी बच्चा-बुतरु केॅ जगावोॅ
सुरक्षित थान जाय जान बचावोॅ सखिया

जान बचतै तेॅ धोॅन कमाय लेभै हे
पहिनें बाढ़ के परलय सेॅ बचोॅ सखिया

सपरतें-सपरतें सखि गाँव घिरी गेलै
आवै केना घरोॅ सें निकलवोॅ सखिया

देखतें-देखतें घोॅर-आंगन डूबलै
पानी घरोॅ में केना जैभोॅ सखिया

जेना-तेना केकरोॅ छत चढ़ी गेलां
चारो दिस दीखै सागर भेलोॅ सखिया

बरसा पानी में तीतलोॅ है भींगलोॅ
भूखलोॅ पियासलोॅ दिन गुजारोॅ सखिया

बच्चा बुतरू भूखलोॅ रोवै चिल्लावै
लागै जेना परलय भेॅ गेलोॅ सखिया

हर-हर महादेव दुःख हरोॅ दयावान
तीन दिनों बादें नावोॅ मिललोॅ सखिया

राहत शिविर ऐलोॅ दवा, कपड़ा, भोजन
‘राम’ आवेॅ हमरोॅ जान बचलोॅ सखिया। 


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