ऐसी कर खबर समझ घर आया संत जूड़ीराम भजन / Aisi Kar Khabar Samajh Ghar Aaya Sant Judiram Bhajan

 

ऐसी कर खबर समझ घर आया।
समुझु-समुझु सिर भार उतारों हिल मिल रहो प्रेम धुन छाया।
छमा सील संतोष आरती ज्ञान लहर कर जोग जगाया।
होत प्रकाश विलास बुद्धि को आतमराम सुरत ठहराया।
शबद सागर निहार नेह सों है पद मुक्त निसान घुमाया।
निस दिन बजत नाम नोविद जूड़ीराम गुरु राह लखाया।


Comments

Popular posts from this blog

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ