बिंदायक जी के गीत / 1 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bindayak Ji Ke Geet 1 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

सामली भीत्या मांड्या जी बिंदायक, कूल जी मंडी फूतली जी,
फूतली खीज्यो बिंदायक जी री नार तो, ज्यां घर बरद उतावली जी,
फूतली खीज्यो चांद सूरज जी री नार तो वार सवागण फूतली जी,
सामली भीत्या मांड्या जी बिंदायक कूल जी मांडी फूतली जी,
फूतली खीज्यो… जी री नार तो वार सवागण फूतली जी,
सामली भीत्या मांड्या जी बिंदायक कूल जी मांडी फूतली जी,
फूतली खीज्यो… जी री नार तो वार सवागण फूतली जी

नोट- बिंदायक जी की जगह सभी देवताओं के नाम और खाली जगह में सभी घर वालों के नाम लें।

 राजस्थानी शादी ब्याह वैवाहिक मारवाड़ी गीत लोकगीत अगले ---> पृष्ठ पर

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स अगले ---> पृष्ठ पर


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ