गणेश के गीत मालवी लोकगीत Ganesh Ke Geet Malvi Lokgeet lyrics in Hindi
कई रेती में पीपल छाया / मालवी
कई रेती में पीपल छाया
कई गेरा कुंडा खणाया
हो म्हारा गेरा गजानन्द आया
कई दाऊजी रे मन भाया
कई माता बई हरक बवाया
म्हारा गेरा गजानन्द आया
कई काकोजी रे मन भाया
कई काकीजी मोतीड़े बदाय।
कई भैया रे मन भाया
कई भाभी बई कंकूड़े बदाया
कई मामाजी रा मन भाया
कई मामाजी हिदड़े बदाया
वन्यांती तो आया देवी देवता रे नाना / मालवी
वन्यांती तो आया देवी देवता रे नाना
वन्यां ती तो आया गणेश
उजण्या से आया देवी-देवता रे
चन्तामण से आया गणेश
वन्यां उतारां देवी-देवता रे नाना
वन्यां उतारां गणेश
मंदरे उतारां देवी-देवता रे नाना
बाजूरया उतारां गणेश
कई निमाड़ा देवी-देवता रे नाना
कोई निमाड़ा गणेश
पनफल निमाड़ा देवी-देवता रे नाना
लाडू निमाड़ा गणेश
कोई जो देगा देवी-देवता रे नाना
कोई जो देगा गणेश
अन्न धन देगा देवी-देवता रे नाना
रिदय-सिद्ध देगा गणेस
पाँच लाडू पाँच धरिया / मालवी
पाँच लाडू पाँच धरिया
फलाणा राय पाँच पड़िया
नाचरे म्हारा गणपति
गणपतियो तो नाचेगो
सेरी में धूम मचायेगो
नाचरे म्हारा गणपति
गरबा का गणपति / मालवी
गरबा का गणपति
ऐजी सुमर गणपति को ध्यान
म्हारा गरबा में बेगा आवजोजी
सांते तम रिद्धि-सिद्धि लावजोजी
म्हारा गरबा में बेगा आवजोजी
कंकूना पगल्या पधार जो
म्हारा गरबा में बेगा आवजो

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