रोचक तथ्य
Aankhen (1950)
प्रीत लगा के मैं ने ये फल पाया
सुध-बुध खोई चैन गँवाया
तुम ने मुझ से प्यार किया था
उल्फ़त का इक़रार किया था
अपना बना के पहले फिर बिसराया
प्रीत का वा'दा ख़ूब निभाया
आ के जो देखे तू दुख मेरे
क्या न बहेंगे आँसू तेरे
दुख दे के मुझ को तू ने क्या सुख पाया
तुझ को बेदर्दी रहम न आया
इक झलक फिर से दिखला दे
ख़्वाबों में आ कर इतना बता दे
दीप बुझा कर इन नैनों का
किस के मन का दीप जलाया
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