रोचक तथ्य
Dulhan Ek Raat Ki (1966)
इक हसीं शाम को दिल मेरा खो गया
पहले अपना हुआ करता था
अब किसी का हो गया
मुद्दतों से आरज़ू थी
ज़िंदगी में कोई आए
सूनी सूनी ज़िंदगी में
कोई शम' झिलमिलाए
वो जो आए तो रौशन ज़माना हो गया
एक हसीं
मेरे दिल के कारवाँ को
ले चला है आज कोई
शबनमी सी जिस की आँखें
थोड़ी जागी थोड़ी सोई
उन को देखा तो मौसम सुहाना हो गया
एक हसीं
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