Agar Mujh Se Mohabbat Hai Mujhe Sab Apne Gham De Do Lyrics – अगर मुझ से मोहब्बत है
रोचक तथ्य
Aap Ki Parchhaiyan (1964)
अगर मुझ से मोहब्बत है मुझे सब अपने ग़म दे दो
इन आँखों का हर इक आँसू मुझे मेरी क़सम दे दो
तुम्हारे ग़म को अपना ग़म बना लूँ तो क़रार आए
तुम्हारा दर्द सीने में छुपा लूँ तो क़रार आए
वो हर शय जो तुम्हें दुख दे मुझे मेरे सनम दे दो
अगर मुझ से मोहब्बत है
शरीक-ए-ज़िंदगी को क्यों शरीक-ए-ग़म नहीं करते
दुखों को बाँट कर क्यों इन दुखों को कम नहीं करते
तड़प इस दिल की थोड़ी सी मुझे मेरे सनम दे दो
अगर मुझ से मोहब्बत है
इन आँखों में न अब मुझ को कभी आँसू नज़र आए
सदा हँसती रहें आँखें सदा ये होंट मुस्काएँ
मुझे अपनी सभी आहें सभी दर्द-ओ-अलम दे दो
अगर मुझ से मोहब्बत है
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