आज की रात असरार-उल-हक़ मजाज़ Aaj Ki Raat Asrar Ul Haq Mazaj Nazm

 देखना जज़्ब-ए-मोहब्बत का असर आज की रात

मेरे शाने पे है उस शोख़ का सर आज की रात


और क्या चाहिए अब ऐ दिल-ए-मजरूह तुझे

उस ने देखा तो ब-अंदाज़-ए-दिगर आज की रात


फूल क्या ख़ार भी हैं आज गुलिस्ताँ-ब-कनार

संग-रेज़े हैं निगाहों में गुहर आज की रात


महव-ए-गुलगश्त है ये कौन मिरे दोश-ब-दोश

कहकशाँ बन गई हर राहगुज़र आज की रात


फूट निकला दर-ओ-दीवार से सैलाब-ए-नशात

अल्लाह अल्लाह मिरा कैफ़-ए-नज़र आज की रात


शब्नमिस्तान-ए-तजल्ली का फ़ुसूँ क्या कहिए

चाँद ने फेंक दिया रख़्त-ए-सफ़र आज की रात


नूर ही नूर है किस सम्त उठाऊँ आँखें

हुस्न ही हुस्न है ता-हद्द-ए-नज़र आज की रात


क़स्र-ए-गीती में उमँड आया है तूफ़ान-ए-हयात

मौत लर्ज़ां है पस-ए-पर्दा-ए-दर आज की रात


अल्लाह अल्लाह वो पेशानी-ए-सीमीं का जमाल

रह गई जम के सितारों की नज़र आज की रात


आरिज़-ए-गर्म पे वो रंग-ए-शफ़क़ की लहरें

वो मिरी शोख़-निगाही का असर आज की रात


नर्गिस-ए-नाज़ में वो नींद का हल्का सा ख़ुमार

वो मिरे नग़्म-ए-शीरीं का असर आज की रात


नग़्मा ओ मय का ये तूफ़ान-ए-तरब क्या कहिए

घर मिरा बन गया 'ख़य्याम' का घर आज की रात


मेरी हर साँस पे वो उन की तवज्जोह क्या ख़ूब

मेरी हर बात पे वो जुम्बिश-ए-सर आज की रात


वो तबस्सुम ही तबस्सुम का जमाल-ए-पैहम

वो मोहब्बत ही मोहब्बत की नज़र आज की रात


उफ़ वो वारफ़्तगी-ए-शौक़ में इक वहम-ए-लतीफ़

कपकपाए हुए होंटों पे नज़र आज की रात


मज़हब-ए-इश्क़ में जाएज़ है यक़ीनन जाएज़

चूम लूँ मैं लब-ए-लालीं भी अगर आज की रात


अपनी रिफ़अत पे जो नाज़ाँ हैं तो नाज़ाँ ही रहें

कह दो अंजुम से कि देखें न इधर आज की रात


उन के अल्ताफ़ का इतना ही फ़ुसूँ काफ़ी है

कम है पहले से बहुत दर्द-ए-जिगर आज की रात

नज़्म संग्रह से कुछ और नज़्में 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ