यूँ मधुर मुरली बजी घनश्याम की बिन्दु जी भजन

 Yun Madhur Murli Baji GhanashyamKi Bindu Ji Bhajan

यूँ मधुर मुरली बजी घनश्याम की,
धूम घर-घर में मची घनश्याम की।
हो गया मुरली का आशिक सारा जहाँ,
मुरली आशिक हो गई घनश्याम की।
मुरली ने ही श्याम को दी राधिका,
विधि मिला दी दामिनी घनश्याम की।
मुरली रस का ‘बिन्दु’ बरसाती न जो,
शान घट जाती तभी घनश्याम की॥ 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ