सुरता राम भजाँ सुख पाओ भजन / Surta Ram Bhajan Sukh Pao Bhajan

 

सुरता राम भजाँ सुख पावो॥
राम भज्याँ थारा बन्धन कटता। सहज परमपद पावो ॥टेर॥

सत-संगत कर हरि रस पीवो। संशय ताप मिटाओ।
हरिक ध्यान धरो निसिवासर। नामकी रटन लगाओ॥

सुकृत-कर्म करो बिनु स्वारथ। संयम सेवा बढ़ाओ॥
रामकृपाते सतगुरु मिलिया। उनके चरण चित लाओ॥ 

सखिन्ह मध्य सिय सोहति कैसे भजन / Sakhinh Madhya Siya Sohati Kaise Bhajan
सर्व शक्तिमते परमात्मने भजन / Sarv Shaktimate Paramatmane Bhajan
साँझ परल संझा आयल चन्दरदास भजन / Saanjh Paral Sanjha Aayal Chanderdas

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

कुमार विश्वास की कविताएँ | Kumar Vishwas Kavita – कोई दीवाना कहता है