सुरत समार शबद घर खेलो संत जूड़ीराम भजन / Surat Samaar Shabad Ghar Khelo Sant Joodiram Bhajan

 

सुरत समार शबद घर खेलो।
नातर बहो जात भौसागर जीव गयो जमलोक अकेलो।
भाव अनक दांव सब खेलत कर्म सुकर्म बाँध जस मेलो।
हों मैं खलक झलख सब मों कर विवेक गति बाहर मेलो।
वाद-विवाद दूर कर राखो जूड़ीराम गुरु ज्ञान सगेलो।




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ