सखी सुक सेज पिया ढिग आई संत जूड़ीराम भजन / Sakhi Suk Sej Piya Digh Aayi Sant Joodiram Bhajan

 

सखी सुक सेज पिया ढिग आई।
काम अगन तन तपत रात दिन ज्ञान लहर उर अगन बुझाई।
प्रीत पुनीत पीव रंग राची आनंद मंगल चरन समाई।
चित-नित हर्ष हेर छर खानी दिल आनंद शबद धुनि छाई।
उपजत अंग रंग रस भीजत बाधौ जुग-जुग गयो हिराई।





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