फूलन सेजिया लगावल धनी धरमदास भजन / Bhajan Phoolan Sejiya Lagawal Dhani Dharmdas

 

(सोहर)

फूलन सेजिया लगावल, पिया संग बैठलूँ हे।
सखिया! आबि गेल बैरन नींद, पिया उठि कहाँ गेलन हे॥1॥
बहियाँ पसारी पिया उर लाऊँ, पिया नहिं मिलल हे।
सखिया! रैन सोचत भेल भोर, धीरज कैसे बाँधब हे॥2॥
नैया भेल झाँझरि, जमुना में बढ़िया आयल हे।
सखिया! केकरी बोहरिया हम लागब, दिवस गँवायब हे॥3॥
अल्प वयस दुख भारी, बिरह उर सालेय हे।
सखिया! दिन दुर्दिन भेल, मोर पियवा बिछुड़ल हे॥4॥
जब-जब सुधि आबै पिया के, छतिया कड़क उठै हे।
सखिया! धर्मदास विश्वास, कबीर गुरु पावल हे॥5॥


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