भगवान तुम्हारे मन्दिर में.../ भजन Bhajan Bhagwan Tumhare Mandir Mein

 

भगवान तुम्हारे मन्दिर में, मैं तुम्हें रिझाने आई हूँ ।
वाणी में है माधुर्य नहीं, पर विनय सुनाने आई हूँ ।।

पूजा के लिए न पास फूल, फिर भी तो साहस देखो ।
सब के सन्मुख पानी होकर, मैं तुम्हें मनाने आई हूँ ।।

प्रभु का चरणामृत लेने को, दासी पर है जलपात्र नहीं ।
केवल अपना यह हृदय खोल, सब बन्ध दिखाने आई हूँ ।। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

कुमार विश्वास की कविताएँ | Kumar Vishwas Kavita – कोई दीवाना कहता है