बनी के गीत / 2 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bani Ke Geet 2 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

आज आंगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियां-2
उसकी दादी ने ऐसा पाला कि ऐसा पाला कि नैन बिच पूतरिया
उसके बाबा ने ऐसा निकाला कि ऐसा निकाला कि जल बिन मछरिया
आज आंगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियां-2
उसकी ताई ने ऐसा पाला कि ऐसा पाला कि नैन बिच पुतरिया
उसके ताऊ ने ऐसा निकाला कि ऐसा निकाला कि जल बिन मछरिया
आज आंगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियां-2
उसकी मम्मी ने ऐसा पाला कि ऐसा पाला कि नैन बिच पुतरिया
उसके पापा ने ऐसा निकाला कि ऐसा निकाला कि जल बिन मछरिया
आज आंगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियां-2
उसकी भूवा ने ऐसा पाला कि ऐसा पाला कि नैन बिच पूतरिया
उसके फूफा ने ऐसा निकाला कि ऐसा निकाला कि जल बिन मछरिया
आज आंगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियां-2
उसकी चाची ने ऐसा पाला कि ऐसा पाला कि नै बिच पूतरिया
उसके चाचा ने ऐसा निकाला कि ऐसा निकाला कि जल बिन मछरिया
आज आंगन मेरा सूना, बन्नी तो मेरी पाहुनियां-2। 

बनी के गीत / 3 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Bani Ke Geet 3 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics

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