सजनवा बैरी हो गए हमार / Sajanwa Bairi Ho Gaye Hamaar

 सजनवा बैरी हो गए हमार !

जाए बसे परदेस सजनवा, सौतन के भरमाए

न संदेस, न कौनउं ख़बरिया, रुत आए रुत जाए

डूब गए हम बीच भंवर में, करके सोलह पार

करमवा बैरी हो गए हमार !

सूनी सेज, गोद मेरी सूनी, मरम न जाने कोय

छटपट तड़पे प्रीत बेचारी, ममता आँसू रोए

ना कोई इस पार हमारा, ना कोई उस पार

सजनवा बैरी हो गए हमार !

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

कुमार विश्वास की कविताएँ | Kumar Vishwas Kavita – कोई दीवाना कहता है