मेरे तुम्हारे बीच में अब / Mere Tumhare Beech Mein Ab To Na Parvat Na Sagar

 मेरे तुम्हारे बीच में अब तो ना पर्बत ना सागर

निस दिन रहे ख़यालों में तुम अब हो जाओ उजागर

अब आन मिलो सजना

अब आन मिलो सजना सजना


आया मदमाता सावन, फिर रिमझिम की रुत आई

फिर मन में बजी शहनाई, फिर प्रीत ने ली अँगड़ाई


मेरे तुम्हारे बीच में अब तो ना पर्बत ना सागर

निस दिन रहे ख़यालों में तुम अब हो जाओ उजागर

अब आन मिलो सजना

अब आन मिलो सजना सजना


मैं मन को लाख मनाऊँ, माने नहीं मन मतवाला

अब आ के तुम्हीं समझाओ, मैंने अब तक बहुत सम्भाला


मेरे तुम्हारे बीच में अब तो ना पर्बत ना सागर

निस दिन रहे ख़यालों में तुम अब हो जाओ उजागर

अब आन मिलो सजना

अब आन मिलो सजना सजना


सज धज के खड़ी मैं कबसे डोली ले कर आ जाओ

उस पार जहाँ मेरा घर है उस पार मुझे ले जाओ


मेरे तुम्हारे बीच में अब तो ना पर्बत ना सागर

निस दिन रहे ख़यालों में तुम अब हो जाओ उजागर

अब आन मिलो सजना

अब आन मिलो सजना

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