रोचक तथ्य
Dulhan Ek Raat Ki (1966)
कई दिन से जी है बेकल
ऐ दिल की लगन अब ले चल
मुझे भी वहाँ मेरे पिया हैं जहाँ
मेरे पिया हैं जहाँ
बिछड़ी नज़र नज़र से तो बेचैन हो गई
ऐसे लगा कि जैसे कोई चीज़ खो गई
अब उन के बिना हूँ ऐसे
जैसे नैना बिन काजल
कई दिन से जी है बेकल
आई जो उन की याद तो साँसें महक गईं
आँखों में बिजलियाँ सी हज़ारों चमक गईं
जिस ओर उठीं ये नज़रें लहराए प्यार के बादल
कई दिन से जी है बेकल
ऐ दिल की लगन अब ले चल
मुझे भी वहाँ मेरे पिया हैं जहाँ
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