कारे बदरा तू न जा / Kaare Badra Tu Na Ja

 कारे बदरा तू न जा न जा बैरी तू बिदेस न जा

घननन मेघ-मल्हार सुना रिमझिम रस बरसा जा


सनन-सनन हाय पवन झकोरा बुझती आग जलाए

मन की बात नयन में आए मुझसे कही न जाए

कारे बदरा तू न जा ...


माथे का सिन्दूर रुलावे लट नागिन बन जाए

लाख रचाऊँ उन बिन कजरा अँसुअन से धुल जाए

कारे बदरा तू न जा ...


चौरस्ते पे जैसे मुसाफ़िर पथ पूछे घबराए

कौन देस किस ओर जाऊँ मैं मन मेरा समझ न पाए

कारे बदरा तू न जा ..

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