दिल अपना और प्रीत पराई / Dil Apna Aur Preet Parai

 दिल अपना औ प्रीत पराई

किस ने है ये रीत बनाई

आँधी में एक दीप जलाया

और पानी में आग लगाई

दिल अपना ...


है दर्द ऐसा कि सहना है मुश्किल

दुनिया वालों से कहना है मुश्किल

घिर के आया है तूफ़ान ऐसा

बच के साहिल से रहना है मुश्किल

दिल अपना ...


दिल को सम्भाला न दामन बचाया

फैली जब आग तब होश आया

ग़म के मारे पुकारें किसे हम

हम से बिछड़ा हमारा भी साया

दिल अपना ...

Comments

Popular posts from this blog

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ