सावन गीत | Sawan Geet Awadhi Lokgeet Lyrics

 हिंडोला कुँज वन डालो झूलन आईं राधिका प्यारी / अवधी लोकगीत 

हिंडोला कुँज वन डालो झूलन आईं राधिका प्यारी
कहे के खंभ लगवाए कहे की लगी डोरियाँ प्यारी
सोने के खंभ लगवाए रेशम लगी डोरियाँ प्यार
हिंडोला...
कहाँ से आये शयाम बनवारी कहाँ से आई राधिका प्यारी
गोकुल से आये बनवारी मथुरा आइ राधिका प्यारी
हिंडोला...
कि झोंका धीरे से दे ओ हमें दर लगता भारी
दरो मत राधिका प्यारी हमें तो तुम जान से प्यारी
हिंडोला...


केही केरे सिर सोहे सोने क छतुरिया / अवधी लोकगीत 

केही केरे सिर सोहे सोने क छतुरिया, केहिया सिर ना
रामा ढुरेला पसीनवा केहिया सिर ना

राम जी के सिर सोहै सोने क छतुरिया, लखन सिर ना
रामा ढुरेला पसीनवा लखन सिर ना

सीता आवो मोरे देवरा अंगन मोरे बैठो, के मैं पोंछी देउ ना
तोहरे सिर का पसीनवा मै पोंछि देउ ना

लक्ष्मण सिर का पसीनवा तु जनि पोंछौ भौजी, के धूमिल होइहैं ना
तोहरी चटकी चुनरिया धूमिल होइहैं ना

सीता चुनरी त हमरी धोबीया घरे जैहैं, के लखन ऐस ना
कहाँ देवरा मैं पैहों के लखन ऐस ना


सावन / अवधी लोकगीत 

सावन आए ओ री सखी री, मंदिर छावै सब कोय रे
अरे, हमरा मंदिरवा को रे छैहें, हमरे तो हरी परदेस रे

काह चीर मैं कगदा बनावौं, काहेन की मसियाली रे
अरे, कोहिका मैं बनवों अपना कैथवा, चिठिया लिक्खहि समुझाई के

अंचरा चीरी मैं कगदा बनावहु, अंसुअन की मसियाली रे
अरे, लहुरा देवरवा बनवों कैथवा, चिठिया लिखहि समुझाई के

अरे अरे कागा तोहे देबै धागा, सोनवा मेढौबे तोरी चोंच रे
अरे, जाई दिह्यो मोरे पिय का संदेसवा, चिठिया पढयो समुझाई के

नहाइ धोई राजा पुजवा प बैठे, चिठिया गिरी भहराई के
अरे, चिठिया बांचे बाँची सुनावै, पटर पटर चुवै आंस रे

सुन सुन कागा हमरा संदेसवा, रानी का दिह्यो समुझाई के
अरे, बरिया बोलाइ रानी बँगला छ्वावैं, हमरा आवन नहीं होए रे

सावन मा रानी चुनरी रंगैहैं, पहिरहि मन-चित लाइ के
अरे, सब सखियन संग झूलन जैहैं हमरिही सुधि बिसराई के


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