प्रार्थना: मानवता के मन मंदिर में | Manavta Ke Man Mandir Mein Lyrics

 मानवता के मन मन्दिर में

ज्ञान का दीप जला दो

करुणा निधान भगवान मेरे

भारत को स्वर्ग बना दो



करुणा निधान भगवान मेरे

भारत को स्वर्ग बना दो



दुःख दरिद्रता का नाश करो

मानव के कष्ट मिटा दो

अमृत की वर्षा बरसाकर

भूख की आग मिटा दो

खेतों में हरियाली भर दो

धान के ढेर लगा दो



करुणा निधान भगवान मेरे

भारत को स्वर्ग बना दो



मानवता के मनन मन्दिर में

ज्ञान का दीप जला दो

करुणा निधान भगवान मेरे

भारत को स्वर्ग बना दो



नव प्रभात फिर महक उठे

मेरे भारत की फुलवारी

सब हो एक समान जगत में

कोई न रहे भिखारी

एक बार माँ वसुंधरा को

नव शृंगार करा दो



करुणा निधान भगवान मेरे

भारत को स्वर्ग बना दो

भारत को स्वर्ग बना दो

भारत को स्वर्ग बना दो

विद्यालय में गायी जाने वाली अन्य प्राथनाएं / वंदना 




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