जोगीरा गीत भोजपुरी लोकगीत Jogira Geet Bhojpuri Lokgeet Lyrics

 जोगीरा गीत भोजपुरी लोकगीत

१.

दानापुर दरियाव किनारा, गोलघर निशानी

लाट साहेब ने किला बनाया, क्या गंगा जल पानी

जोगी जी वाह वाह, जोगी जी सार रा रा।

दिल्ली देखो ढाका देखो, शहर देखो कलकत्ता।

एक पेड़ तो ऐसा देखो, फर के ऊपर पत्ता,

जोगी जी वाह वाह, जोगी जी सार रा रा।

कौन काठ के बनी खड़ौआ, कौन यार बनाया है,

कौन गुरु की सेवा कीन्हो, कौन खड़ौआ पाया,

चनन काठ के बनी खड़ौआ, बढ़यी यार बनाया हो,

हम गुरु की सेवा कीन्हा, हम खड़ौआ पाया है,

जागी जी वाह वाह, जोगी जी सारा रा रा।


२.

किसके बेटा राजा रावण किसके बेटा बाली

किसके बेटा हनुमान जी जे लंका जारी, फिर देख चली जा।

किसकी बेटी तारा मंदोदरी किसकी बेटी सीता ?

किसके बेटा राम-लछुमन चित्रकूट पर जीता ?

किसके मारे अर्जुन मर गए किसके मारे भीम ?

किसके मारे बालि मर गये, कहाँ रहा सुग्रीव ?


उत्तर

१.

विसेश्रवा के राजा रावण बाणासुर का बाली

पवन के बेटा हनुमान जी, ओहि लंका के जारी


२.

कृष्ण मारे आर्जुन मर गए कृष्ण के मारे भीम

राम के मारे बालि मर गए लड़ता था सुग्रीव।


३.

कौन जिला का रहने वाला, क्या बस्ती का नाम ?

कौन जात का छोकड़ा बता तो अपना नाम ? फिर देख चली जा।

धरती माँ का जनम बता दो, कौन देव का टीका

कौन गुरु का सेवा किया, कहाँ जोगीरा सीखा ? फिर देख चली जा।

क्या चीज का रेल बना है, क्या चीज का पहिया ?

क्या चीज का टिकट बना है, क्या चीज का रुपैया ? फिर देख चली जा।


४.

कौन देस से राजा आया कौन देस से रानी ?

कौन देस से जोगी आया मारा उलटा बानी ? फिर देख चली जा।

काहे खातिर राजा रूसा काहे खातिर रानी ?

काहे खातिर जोगी रूसा काहे मारा बानी ? फिर देख चली जा।



प्रश्नोत्तर में जोगीरा / भोजपुरी गीत 

मित्रो भेद बताओ महावीर उस लंका के,
जो दहन किया गढ़ लंका के ना।
कवन बात पर महावीर ने भेष बनाया बन्दर का?
कितना लम्बा कितना चौड़ा पानी रहा समुन्दर का?
पूरब पच्छिम उत्तर दक्खिन था पहाड़ दशकन्धर का?
कौन तरफ से गये महावीर, भेद जो पाये अन्दर का?
विभीषण से मुलाकात हुआ कब, दिन रहा कि रात?
जाकर बजा दिया ओ डंका जो दहन किया गढ़ लंका का।
कै मिनट के अन्दर पकड़ा महावीर बलवान को?
कौन दूत ने खबर दिया था, जाकर सभा में रावन को?
उसी दूत का नाम बता दो, आज सभा में धावन को।
परी रहा कि देव रहा, कि था लड़का उ ब्राह्मन का?
पूँछ में कपड़ा कौन लपेटा, था किस निस्चर का बेटा?
फूंका घर वो पहले किसका, महावीर ने जाकर के?
नर -नारी सब जले थे कितने बताओ तू गा करके?
रहा कौन समय ओ बेरा, उसने पूंछ कै दफे फेरा?
गुजरा कै दिन शंका का, जो दहन किया गढ़ लंका का।
गोरे काले मरे थे कितने, बिगे गये उठा करके?
हिसाब करके जरा बता दो आज हमें समझा करके।
किस जंगल की थी वो लकड़ी गदा बना बलधारी का?
उस बढ़ई का नाम बताओ काम किया मिनकारी का?
वजन बता दो उस गदा का महावीर बलधारी का।
कहे शिवनन्दन खोलो भेद, दिल से हटाकर संका का।
जो दहन किया था लंका का।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ