तरुणि बयस मोही बीतल सजनी गे / Taruni bayas mohi beetal sajani ge Vidyapati

तरुणि बयस मोही बीतल सजनी गे
पहुँ बीसरल मोहि नामे
कुसुम फूलि-फूलि मौललि सजनी गे
भमरा लेल
बिश्रा में
चानन बुझि हम रोपल सजनि गे
हिरदय कोरि थल देल
नयनहुँ नीर पटाओल सजनी गे
आखिर सिम्मर भेल

यहाँ पढ़ें – विद्यापति का साहित्य / जीवन परिचय एवं अन्य रचनाएं
 

 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ