सोई साध-सिरोमनि दादू दयाल भजन / Soi Saadh-Siromani Dadu Dayal Bhajan

 

सोई साध-सिरोमनि, गोबिंद गुण गावै।
राम भजै बिषिया तजै, आपा न जनावै॥टेक॥

मिथ्या मुख बोलै नहीं पर-निंद्या नाहीं।
औगुण छोड़ै गुण गहै, मन हरिपद-माहीं॥१॥

नरबैरी सब आतमा, पर आतम जानै।
सुखदाई समता गहै, आपा नहिं आनै॥२॥

आपा पर अंतर नहीं, निरमल निज सारा।
सतबादी साचा कहै, लै लीन बिचारा॥३॥

निरभै भज न्यारा रहै, काहू लिपत न होई।
दादू सब संसारमें, ऐसा जन कोई॥४॥

दादू दयाल जी के भजन मुख्य पृष्ठ Dadu Dayal Bhajan Lyrics 

 बिंदु जी महाराज के भजन / पद / लिरिक्स Bindu Ji ke Bhajan /Pad /Lyrics 

ललित किशोरी जी के भजन Lalil Kishori Bhajan Lyrics 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ