सतगुरु कही महल की बानी संत जूड़ीराम भजन / Satguru Kahi Mahal Ki Bani Sant Joodiram Bhajan

 

सतगुरु कही महल की बानी।
मुक्त कमल को मारग झीनो खोजत पंडत ज्ञानी।
रंग महल पे चित्त चढ़ायो धुन सुन सुरत समानी।
ध्यान तखत पर ग्यान दुलीचा विहरत सारंग पानी।
दिल भरपूर अजब रंग राचो तन की कहल बुझानी।
जूड़ीराम मगन भयो मनुवा पाई भगत निसानी।





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ