नव बृन्दावन नव नव तरूगन / Nav Vrindavan nav nav tarugan Vidyapati

नव बृन्दावन नव नव तरूगन
नव नव विकसित फूल।
नवल वसंत नवल मलयानिल
मातल नव अलि कूल॥

यहाँ पढ़ें – विद्यापति का साहित्य / जीवन परिचय एवं अन्य रचनाएं

 

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