मैं तुव पदतर रेनु रसीली ललित किशोरी भजन

 Main Tuv Padatar Renu RaseeliLalit Kishori Bhajan

मैं तुव पदतर रेनु रसीली।
तेरी सरवरि कौन करि सकै प्रेममई मूरति गरबीली॥

कोटिहु प्रान वारनें करिकै उरिनि न तोसों प्रीति रँगीली।
अपनी प्रेम छटा, करुना करि दीजै दान दयाल छबीली॥

का मुख करौं बड़ाई राई, ललितकिसोरी केलि हठीली।
प्रीति दसांस सतांस तिहारी, मोमें नाहिन नेह नसीली॥


  बिंदु जी महाराज के भजन / पद / लिरिक्स Bindu Ji ke Bhajan /Pad /Lyrics 

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