जयति जय माँ अम्बिके जगदम्बिके जय चण्डिके / Jayati jay maa Ambike jagdambike jay Chandike Vidyapati

जयति जय माँ अम्बिके जगदम्बिके जय चण्डिके
सघन घन सँ मुक्ति कुन्तल भाल शोभित चण्डिके
जयति जय माँ अम्बिके जगदम्बिके जय चण्डिके
हार मुण्डक हृदय शोभित श्रवण कुण्डल मण्डिते
जयति जय माँ अम्बिके जगदम्बिके जय चण्डिके
बिकट आशन घोर बदने चपल रसने कालिके
खर्ग खप्पर करहिं शोभित भति प्रण के पालिके
जयति जय माँ अम्बिके जगदम्बिके जय चण्डिके
घनन-घन-घन नूपूरु गुञ्जित कपल पद लट राजिते
दीप अभय वरदायिनी माँ जयति जय अपराजिते
जयति जय माँ अम्बिके जगदम्बिके जय चण्डिके
सघन घन सँ मुक्ति कुन्तल भाल शोभित चण्डिके

यहाँ पढ़ें – विद्यापति का साहित्य / जीवन परिचय एवं अन्य रचनाएं
 

 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ