घनश्याम तुझे ढूँढने जायें कहाँ-कहाँ बिन्दु जी भजन

 Ghanshyam Tujhe DhundhneJayen Kahan-Kahan Bindu Ji Bhajan 

घनश्याम तुझे ढूँढने जायें कहाँ-कहाँ।
अपने विरह कि याद दिलायें कहाँ-कहाँ॥
तेरी नज़र में बुला ले मुस्कान मधुर में।
उलझा है सबमें दिल वो छुड़ाए कहाँ-कहाँ॥
चरणों में खाकसार में ख़ुद खाक बन गए।
अब खाक पै हम खाक रचायें कहाँ-कहाँ।
दिन रत अणु बिन्दु बरसाते तो हैं मगर।
अब तन में लगी आग बुझायें कहाँ-कहाँ॥ 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ