जो पे शबद नहीं मन रांचो संत जूड़ीराम भजन / Jo Pe Shabad Nahin Man Rancho Sant Judiram Bhajan

 

जो पे शबद नहीं मन रांचो।
करत ज्ञान अभिमान मान मद है संजोग जोग नहीं सांचो।
लीन्हों भेख कोई बिसराओ कियो जोग जप तप सब कांचो।
भूली कहन गहन न आई नाम रतन बिन घर-घर नांचो।
जूड़ीराम सरन सतगुरु को और उपाय मर्म नहि बाचो।


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