जो नहिं प्रेम प्याला पिया बिन्दु जी भजन

 Bhajan Jo Nahin Prem Pyala PiyaBindu Ji Bhajan

जो नहिं प्रेम प्याला पिया।
वह जगत में जन्म लेकर व्यर्थ ही क्यों जिया।
जोग जप तप व्रत नियम सभी कुछ किया।
व्यर्थ हैं यदि प्रेम के रंगों में रंगा नहीं हिया।
रत्न कंचन अश्व गज गोदान बहुविधि किया।
क्या हुआ यदि प्रेम पथ पर प्राणदान न किया।
प्रेम बिना जीवन बृथा घृत ‘बिन्दु’ के बिना दिया।
प्रेम के बिना देह जैसे पति विहीन त्रिया। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ