जीवन में छेलै सखी घोर काली रात हे छोटेलाल दास भजन /Jeevan Mein Chelei Chhotelal Das Bhajan

 

जीवन में छेलै सखी, घोर काली रात हे।
सतगुरु आबि गेलै, होलै परभात हे॥टेक॥
शीतल सुगंध बहै, मंद-मंद वात हे।
कली-कली खिलि गेलै, झूमि गेलै पात हे॥1॥
रोग-सोग भागि गेलै, खोट-खोट बात हे।
आबि गेलै देखो सखी, खुशी के बरात हे॥2॥
दौड़ो दौड़ो दौड़ो सब, करो प्रणिपात हे।
चरण चढ़ाबो फूल, पाबो आशीर्वाद हे॥3॥
सतगुरु भाई-बंधु, सखा पितु मात हे।
गुरु-सम हित नहिं, जोड़ो गुरु नात हे॥4॥
‘लाल दास’ गुरु पाबो भक्ति दात हे।
सफल बनाबो सखी, मानव-सुगात हे॥5॥ 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ