जनक सुता पति सरन तुमारे संत जूड़ीराम भजन / Bhajan Janak Suta Pati Saran Tumare Sant Judiram Bhajan

 

जनक सुता पति सरन तुमारे
राम लछमन भरत सत्रुघ्न दशरथ जीवन प्रान पियारे।
दीन दयाल कृपाल दयानिधि सुरनर मुनि के काज समारे।
कृपा द्रिस्ट दालद्रि विनासन दीन दुखत अति अधम उधारे।
सौरी गीद सुमत कर सूधी परून पद दीनो अघ हारे।
करो उबार दास जूड़ी को दीनबंद हर वेद पुकारे।


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