जबते राम नाम मत सानी संत जूड़ीराम भजन / Bhajan Jabte Ram Naam Mat Sani Sant Judiram Bhajan

 

जबते राम नाम मत सानी।
रच पच रही गहो निज मारग काल कर्म की फिकर भुलानी।
बलहारों सतगुरु चरनन की दीजी अजब नाम सहदानी।
निस दिन बजत नाम की नौबद सुनि-सुनि शब्द प्रेम धुनि ठानी।
चार वेद वर खट शास्त्र मिल सोई शब्द गावत मुनि ग्यानी।
जूड़ीराम सतगुरु बलहारी जिन यह कही अगम धर बानी।

 

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