दिल कहुं न मिला जग ठगिया है संत जूड़ीराम भजन / Dil Kahun Na Mila Jag Thagiya Hai Sant Judiram Bhajan

 

दिल कहुं न मिला जग ठगिया है।
गुरु सतरंग याद आतम सों ध्यान रंग मन रंगिया है।
शबद मुकाम कायापुर तकिया सुरत नाम बिच बगिया है।
उड़त जहूहर पूर पूरन दिल कर्म मर्म सब नसिया है।
जूड़ीराम महबूब नूर लख संत चरन निज उर धरिया है।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ