बिरहणि कौं सिंगार न भावै दादू दयाल भजन / Bhajan Birahani Kaun Singar Na Bhavai Dadu Dayal Bhajan

 

बिरहणिकौं सिंगार न भावै।
है कोइ ऐसा राम मिलावै॥टेक॥

बिसरे अंजन-मंजन, चीरा।
बिरह-बिथा यह ब्यापै पीरा॥१॥

नौ-सत थाके सकल सिंगारा।
है कोइ पीड़ मिटावनहारा॥२॥

देह-गेह नहिं सुद्धि सरीरा।
निसदिन चितवत चातक नीरा॥३॥

दादू ताहि न भावत आना।
राम बिना भई मृतक समाना॥४॥

दादू दयाल जी के भजन मुख्य पृष्ठ Dadu Dayal Bhajan Lyrics 

 बिंदु जी महाराज के भजन / पद / लिरिक्स Bindu Ji ke Bhajan /Pad /Lyrics 

ललित किशोरी जी के भजन Lalil Kishori Bhajan Lyrics 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ