बैठी खलक खिलाबे माया संत जूड़ीराम भजन / Baithi Khalak Khilabe Maya Sant Judiram Bhajan

 

बैठी खलक खिलाबे माया।
रूप पालनो घाल दुबारे काम डोर गहि पकर फुलाया।
कोई है धन धाम बिबूचो वन में सब सिर भार लदाया।
कीन्हों बंध फंद बहु विधि के काया कर्म धर्म अरुझाया।
जूड़ीराम शब्द बिन चीन्हें मर-मर गये मर्म नहिं पाया।




टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

कुमार विश्वास की कविताएँ | Kumar Vishwas Kavita – कोई दीवाना कहता है