बहै तिरबेनी के धार, सखि! देहिया में छोटेलाल दास भजन / Bahai Tirbaini KeDhar, Chhotelal Das Bhajan

 

बहै तिरबेनी के धार, सखि! देहिया में॥टेक॥
बायाँ बहै जमुना धार, दायाँ बहै गंगा धार।
बीच सरोसति धार, सखि! देहिया में॥1॥
डारो पलक किवार, देखो दशम दुआर।
यहीं तिरबेनी धार, सखि! देहिया में॥2॥
यहीं रेाजे तों नहाबो, सब पाप धोय बहाबो।
होथौं विमल विचार, सखि! देहिया में॥3॥
गुरु सेबो ‘लाल दास’, तब पैभे भेद खास।
जैभे संगम किनार, सखि! देहिया में॥4॥ 


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

कुमार विश्वास की कविताएँ | Kumar Vishwas Kavita – कोई दीवाना कहता है