बधावा टूट्या का / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Badhawa Tutya Ka Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics
सवारे पेलो बधावो म्हारे आवियो, मेल्यो म्हार बाबासारी पोल पखेरू।
सोनारी दांडी दियो बल, बाबाजी बहोत मया करी।
सवारे दिनी म्हान धरम परणाय।
सवारे दूजो बधावो म्हारे आवियो, मेल्यो म्हारा बीराजी री पोल पखेरू।
सोनारी दांडी दियो बल, बीराजी बहोत मया करी।
दिनी म्हान चुंदड़ल्या ओढ़ाय।
सवारे इगन्यो बधावो म्हारे आवियो, मेल्यो म्हारा सुसराजी री पोल पखेरू।
सोनारी दांडी दियो बल, सुसराजी म्हारा बहोत मया करी।
सवारे दिनो म्हान गढ़ तिलडी को राज पखेरू।
सोनरी डांडी दियो बल।
सवारे चौथे बधावो म्हारे आवियो, मेल्यो म्हारा जेठजी री पोल पखेरू।
सोनारी दांडी दियो बल, सवारे जेठजी बहोत मया करी।
सवारे दिनो म्हान आधो माल पटाय पखेरू।
सोनारी डांडी दियो बल।
सवारे पांचवो बधावो म्हारे आवियो, मेल्यो म्हारा सायबजी री पोल पखेरू।
सोनारी दांडी दियो बल, सवारे सायबजी बहोत मया करी।
दिनो म्हाने सरब सवाग पखेरू, सोनारी दांडी दियो बल।
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