अजहूँ मिलो मेरे प्रान पियारे धरनीदास भजन Ajahun Milo Mere Pran Piyare Dharnidas Bhajan

 

अजहूँ मिलो मेरे प्रान पियारे।
दीन दयाल कृपाल कृपानिधि करहु छिमा अपराध हमारे।
कल न परत अति बिकल सकल तन, नैन सकल जनु बहत पनारे।
मांस पचो अरू रक्त रहित भे, हाड बिनहुँ दिन होत उधारे।
नासा नैन स्रवन रसाना रस, इंद्री स्वाद जुआ जनु हारे।
दिवस दसों दिसि पंथ निहारति, राति बिहात गनत जस तारे।
जो दुख सहत कहत न बनत मुख अंतरगंत के हौं जाननहारी।
धरनी जिन झलमलितदीप ज्यों, होत अंधार करो उजियारे। 

पिया मोर बसै गउरगढ़ मैं बसौं प्राग हों धरनीदास भजन / Bhajan Piya Mor Basai Gaurgarh Main Dharanidas Bhajan

प्रभुजी तोकह लाज हमारी धरनीदास भजन / Bhajan Prabhuji Tokah Laaj Hamari Dharanidas Bhajan


प्रभुजी अब जनि मोंहि बिसारो धरनीदास भजन / Bhajan Prabhuji Ab Jani Mohi Visaro Dharanidas Bhajan

बहुत दिनन पिय बसल बिदेसा धरनीदास भजन / Bhajan Bahut Dinnan Piya Basal Bidesa Dharanidas Bhajan

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ