अब लौ गई लुगाई आई संत जूड़ीराम भजन / Ab Lau Gayi Lugai Aayi Sant Judiram Bhajan

 

अब लौ गई लुगाई आई।
बिसरो भजन रहस रंग राचो सुक सपने में रहो भुलाई।
भूलो मर्म कर्म उर पेरत सरुष बदन तन तेज भगाई।
जाके हृदय भगत महारानी दिन-दिन बाढ़त बुद्धि सवाई।
जूड़ीराम नाम बिन चीन्हें ऐसो तन बेकाम बहाई।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Rajasthani Lokgeet Lyrics in Hindi राजस्थानी लोकगीत लिरिक्स

बुन्देली गारी गीत लोकगीत लिरिक्स Bundeli Gali Geet Lokgeet Lyrics

Amir Khusrow Dohe Kavita अमीर खुसरो के दोहे गीत कविता पहेलियाँ