पीठी के गीत / 5 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Pithi Ke Geet 5 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics
तू तो कर गोरा लाडा उबटणो, थारा उबटणा में बास घणी,
चम्पा री कलियां सुगंध घणी, मरवा री कलियां बास घणी,
थारा दादा सा संजोयो उबटणू, थारी दाद्या र मन हंूस घणी,
वो तो तेल फुलेल चम्पा की कली, तू तो कर गोरा लाडा उबटणू।
थारा बाबा सा संजोयो उबटणू, थारी मायां र मन हूंस घणी,
वा तो तोल फुलेल चम्पा की कली, तू तो कर गोरा लोडा उबटणूं
थारा काका-ताऊ संजोयो उबटणू, थारी काकियां-तइयां मन हूंस घणी,
वो तो तेल फुलेल चम्पा की कली, तू तो कर गोरा लाडा उबटणू।
थारा फूफा-जीजा संजोयी उबटणू, थारी भूवा-बहना मन हंूस घणी।
वो तो तेल फुलेल चम्पा की कली, तू तो कर गोरा लाडा उबटणू।
थारा नाना-मामा संजायो उबटणू, थारी नानियां-मामियां मन हूंस घणी,
वो तो तेल फुलेल चम्पा की कली, तू तो कर गोरा लाडा उबटणू।
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