गणेश जी निमंत्रण के गीत / 5 / राजस्थानी गीत लोकगीत लिरिक्स - Ganesh Ji Nimantran Ke Geet 5 Rajasthani Geet Lokgeet Lyrics
चालो जी गणपत आपां पंसारी कै चालां
मेवो बिसावत लागी बार जी, म्हारा विरदविंदायक
चालो जी गणपत आपां सोनी कै चालां
गहणो बिसावत लागी बार जी म्हारा
चालो जी गणपत आपां बजाजी कै चालां
सेवरो (चूंदड़ी) बिसावत लागी बार जी, म्हारा विरदविंदायक
चालो जी गणपत आपां पअवा कै चालां,
डोरडा बिसावत लागी बार जी, म्हारा विरदविंदायक
चालो जी गणपत आपां हलवाई कै चालां
लडुवां बिसावत लागी बार जी म्हारा विरदविंदायक
चालो जी गणपत आपां पंसारी कै चालां
पड़लो बिसावत लागी बार जी म्हारा विरदविंदायक
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